Loading NexProTools...
Preparing interactive calculation engine
Preparing interactive calculation engine
लेखक/रचयिता: कबीरदास
कबीरदास जी की साखियों में अहंकार त्यागने, मीठी वाणी बोलने, संसार के अज्ञान और ईश्वर भक्ति का गूढ़ संदेश है। कबीर कहते हैं कि ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जिससे मन का अहंकार मिट जाए और सुनने वाले तथा बोलने वाले दोनों को शीतलता प्राप्त हो।
अहंकार शमन, मधुर वाणी, और ज्ञान का प्रकाश।
उत्तर: मीठी वाणी से दूसरों का क्रोध शांत होता है और बोलने वाले के मन से अहंकार मिटकर आत्मिक शांति मिलती है।
उत्तर: ज्ञान रूपी दीपक जलने पर अज्ञान रूपी अंधकार नष्ट हो जाता है।